
कालसर्प दोष लाल किताब
लाल किताब के अनुसार काल सर्प दोष के निवारण के बारे में जानने से पहले आइये यह जान लें कि काल सर्प दोष क्या होता है और किसी व्यक्ति या जातक के जीवन में इससे होने वाले प्रभाव क्या-क्या होते हैं ?
यह दोष किसी व्यक्ति/जातक की कुंडली में उसके ग्रहों की दशा और स्थिति के अनुसार होता है | किसी जन्म कुंडली में प्रत्येक ग्रह और घर का अलग अलग महत्व होता है |
अब हम यह जानते है कि किसी कुंडली में काल सर्प दोष स्थिति कैसे बनती है ?
जब सूर्य मंडल के सातों गृह, राहु एवं केतु के बीच आ जाते है व आधी जन्म कुंडली में कोई भी ग्रह नहीं होता है , तब जातक की कुंडली में पूर्ण काल सर्प योग होता है | यदि कुंडली में एक भी ग्रह राहु केतु अक्ष रेखा के बाहर होता है, तो तब जातक के कुन्डली में या तो काल सर्प योग नहीं होता या दोष आंशिक होता है | काल सर्प दोष से किसी जातक के जीवन में सकारात्मक अथवा नकारात्मक दोनों ही प्रभाव हो सकते हैं |
क्या है लाल किताब ?
लाल किताब पांच किताबों का समूह है जो कि हिन्दू ज्योतिष शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान के बारे में हैं |यह सभी किताबें समुद्रिका शास्त्र पर आधारित है | पंडित रूपचंद जोशी द्वारा लिखी गयी इन पांच किताबों के समूह को ही लाल किताब कहा जाता है | यह लाल किताब का आधुनिक रूप माना जाता है | इस समूह की पहली किताब का प्रकाशन सन १९३९ में हुआ था, जिसकी एक प्रति आज भी पाकिस्तान के लाहौर म्यूजियम में उपलब्ध है |
कुछ जानकारों के अनुसार इसकी रचना भगवान शिवजी के परम भक्त रावण ने की थी |
लाल किताब के अनुसार साल सर्प दोष के उपाय
लाल किताब में किसी जातक के ग्रहस्थिति अनुसार दोष एवं उनके उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस किताब में कालसर्प दोष के निवारणों के बारे में भी लिखा गया है |
आइये अब जानते है कि लाल किताब इस दोष के कौन कौन से उपाय बताती है | इस कालसर्प दोष लाल किताब के अनुसार यह दोष राहु की महादशा के कारण उजागर होता है और इस दोष के होने पर जातक निम्न उपाय कर सकता है |
जातक को चाहिए वो खाना रसोईघर में ही खाये व खाना बैठकर खाये |
घर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें
जातक काले व नीले कपड़े न धारण करें
जातक अपने ससुराल पक्ष से मधुर सम्बन्ध बना कर रखे
जातक अपने निवास स्थल में ठोस चांदी से बना हाथी रखें
जातक को किसी लाल किताब के महाज्ञाता से मिलकर उनके राय के अनुसार मंगल या गुरु कर उपाय करें
राहु की पूजा करें
सर्पाकार चांदी की अंगूठी को धारण करें
नारियल को जल में प्रवाहित करें
सावन के माह में भगवान शिव की पूजा अर्चना करें
ग्रहों के स्तिथि के अनुसार काल सर्प योग अलग अलग प्रकार का हो सकता है और स्वाभाविक है कि अलग अलग स्थिति के लिए उपाय भी अलग अलग ही होंगे | हमने लाल किताब के अनुसार काल सर्प दोष के मुख्य उपायों को निम्न प्रकार से एक छोटी सी तालिका में प्रदर्शित किया है जिससे आपको जानकारों प्राप्त करने में आसानी होगी |
लाल किताब के अनुसार उपाय
राहु की स्थिति | केतु की स्थिति | लाल किताब के अनुसार उपाय |
1 | 7 | ठोस चांदी से बनी गेंद अपने पास सदैव रखें |
2 | 8 | दो रंग का कम्बल दान करें |
3 | 9 | चना दाल को पानी में प्रवाहित करें |
4 | 10 | एक चांदी के डिब्बे में शहद घर के सामने गाड़ दें |
5 | 11 | ठोस चांदी से बना हाथी घर पर रखें |
6 | 12 | जातक पालतू जानवर रखें |
7 | 1 | चांदी के बर्तन में जल रखें व घर में चांदी से बनी कोई चीज़ गाड़ दें | |
8 | 2 | नारियल जल में प्रवाहित करें |
9 | 3 | चना दाल को नदी में प्रवाहित करें |
10 | 4 | पीतल के बर्तन में पानी भरकर घर में रखें |
11 | 5 | किसी धार्मिक स्थल पर मूली दान करें |
12 | 6 | सोने को धारण करें |
लाल किताब में कई ऐसे अन्य उपायों का विवरण भी है | जैसा की हमने पहले भी आपको अवगत करवाया कि जातक को किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी कुंडली में स्थित दोष के बारे में विस्तार से जान लेना चाहिए और उसी के अनुसार उपाय भी करवाना चाहिए | आप अपनी कुंडली लाल किताब के अनुभवी जानकार श्री अनुराग जी के साथ साझा कर सकते है | पंडित जी आपको आपकी कुंडली व जीवन शैली के अनुसार समुचित उपाय निशुल्क बताएँगे |

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Pandit Satish Guruji is from trimbakeshwar, Nashik, and he lives in Trimbak behind Trimbakeshwar Temple with his family. Pandit ji performs all types of trimbakeshwar pooja like kaalsarp dosh puja, maha mrityunjay jaap, pitra dosh nivaran etc... Pandit ji is the Certified Kaalsarp Pandit Trimbakeshwar and his generations are giving consistent results according to the dosha found in people's horoscopes for more than 21 years. He has vast experience in the field of Dosh Nivaran Puja and can be established as the very famous Pandit of Trimbakeshwar.

